उज्जैन (14 जनवरी 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकास कारवां निरंतर चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 के सिंहस्थ में श्रद्धालु क्षिप्रा जल से स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ उज्जैन में 614.53 लाख रूपये की सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्व की पहली दो बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात दी है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए साढ़े 12 हजार बीघा क्षेत्र में हरिद्वार की तरह विकास कार्य किये जायेंगे। सिंहस्थ-2028 साधु-संतों के लिये भी अविस्मरणीय होने वाला है, क्योंकि इस बार सरकार ने साधु-संतों और अखाड़ों को पक्के निर्माण के लिये भू-खण्ड देने का अभूतपूर्व निर्णय लिया है। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने उज्जैन को मिल रही सौगातों के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई और शुभकामनाएँ दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर बहनों को सुहाग की श्रंगार सामग्री एवं साड़ियां और बच्चों को पतंगें भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में वर्ष-1967 के सिंहस्थ के बाद श्रद्धालुओं को मोक्षदायनी माँ क्षिप्रा के पवित्र जल में स्नान करने का पुण्य लाभ मिलेगा। क्षिप्रा नदी में पानी की कमी के चलते 1980 के सिंहस्थ में गंभीर का पानी लाया गया। इसी प्रकार 1992 और 2004 के सिंहस्थ में भी गंभीर का पानी क्षिप्रा में प्रवाहित किया गया। वर्ष-2016 के सिंहस्थ में मां नर्मदा का पानी क्षिप्रा में लाया गया। कुछ साधु-संतों का ऐसा कहना था कि जब हमें नर्मदा में ही स्नान करना था, तो हम ओंकारेश्वर में ही स्नान कर सकते थे। मैंने उनकी भावना को समझा और संकल्प लिया कि वर्ष- 2028 के सिंहस्थ में क्षिप्रा नदी के जल में ही सबको स्नान कराया जाएगा। बाबा महाकाल के आशीर्वाद से सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी और कान्ह क्लोज डक्ट परियोजनाओं से यह संकल्प पूरा होने जा रहा है। यह उज्जैन के इतिहास में अविस्मरणीय दिन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना पर आधारित प्रदर्शनी और मॉडल का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री पाटिल को परियोजना के बारे में विस्तार से बताया।