Sunday, 04 Oct 2026

सिर्फ आतंकवाद और पीओके पर ही बात: मोदी

नईदिल्ली (12 मई 25)। सोमवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, 'पहलगाम में निर्दोषों ही निर्मम हत्या के बाद पाकिस्तान के आतंक के थिकनों को मिटटी में मिलाने का काम किया। यही नहीं भारतीय सेना ने उनके आकाओं को भी कड़ा सन्देश देते हुए सबक सिखाया और उनके कई सैन्य अड्डे नस्ट कर दिए। मोदी ने साफ़ कहा कि हमने पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई को सिर्फ स्थगित किया है। आतंक के अंत तक इसकी जड़ों तक कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेंगे। उल्टे पाकिस्तान को चेताया कि पाकिस्तान को बचना है तो उसे अपने ट्रेरर इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करना होगा। साथ ही स्पष्ट कर दिया कि अब पाक से बात सिर्फ आतंकवाद और पीओके पर ही बात होगी। उन्होंने कहा कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकता। 

भारतीय सेना के शौर्य को सलाम करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंक के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हमने सिर्फ रक्षा नहीं की, हमने आक्रामक रणनीति अपनाई और दुश्मन को उसी की धरती पर करारा जवाब दिया। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमने आतंकवाद की जड़ों को हिला दिया।' उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग पड़ गया है, क्योंकि उसने लगातार आतंक को पनाह दी और भारत के खिलाफ उसका इस्तेमाल किया।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि यह अब 21वीं सदी का भारत है जो आतंकवादियों के हमले सहने के लिए नहीं, उन्हें जड़ से मिटाने के लिए तैयार रहता है। उन्होंने कहा, 'हमारे जांबाज़ सैनिकों ने पाकिस्तान की हर गोली का, हर घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब दिया। ऑपरेशन सिंदूर इसका प्रमाण है कि भारत अब पहले की तरह चुप नहीं बैठता।' 

पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान की तैयारी तो सीमा पर वार की थी, लेकिन भारत ने उसके सीने पर वार किया। भारत के ड्रोन्स और मिसाइलों ने सटीक हमला कर पाकिस्तान के उन एयरबेस को नुकसान पहुंचाया, जिन पर उसे घमंड था। तीन दिनों की कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान को इतना नुकसान पहुंचाया, जिसका उसे अंदाजा नहीं था। इसके बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा और दुनिया भर में तनाव कम करने की गुहार लगाने लगा। बुरी तरह पिटने के बाद 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ से संपर्क किया। तब तक भारत आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को बड़े स्तर पर तबाह कर चुका था और कई आतंकियों को मार गिराया गया था।

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