उज्जैन (04 सितंबर 24)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पिता पूनमचंद यादव का मंगलवार को 100 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह आठ दिनों से उज्जैन के निजी अस्पताल में भर्ती थे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पिता पूनमचंद यादव काफी सक्रिय रहकर समाज सेवा करने वाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते रहे हैं। उनका 100 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। मुख्यमंत्री के पिता पूनमचंद यादव ने अपने जीवन के संघर्ष की शुरुआत मिल में काम करते हुए की थी।
पूनमचंद यादव ने अपने चारों बच्चों की शिक्षा और परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ी। पुत्र के मुख्यमंत्री बनने के बावजूद अपने पुराने तरीके से ही जीवन को जीते रहे। उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में राजनेता, अधिकारी और परिवार से जुड़े लोग उज्जैन पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी उज्जैन के लिए रवाना हो गए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने फादर्स डे के मौके पर पिता पूनमचंद यादव से मुलाकात की थी। इस दौरान सीएम ने पिता से पैसे मांगे तो उन्होंने 500 रुपए के नोटों की गड्डी निकालकर दे दी थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक नोट रखा और बाकी के सारे नोट लौटा दिए थे। पिता ने सीएम बेटे को ट्रैक्टर सुधरवाने का बिल थमा दिया था। बीते सोमवार को ही उज्जैन पहुंचे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके बेटे ने महाआर्यमन सिंधिया ने अस्पताल पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना था। रविवार को सीएम मोहन यादव भी पिता से मिलने पहुंचे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्ढा, केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान, राजनाथ सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, दिग्विजय सिंह सहित अनेक नेताओं ने शोक जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पूज्य पिताजी पूनमचंद यादव के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है। सिर से पिता का साया उठ जाना जीवन की अपूरणीय क्षति है। दुःख की इस विकट घड़ी में मेरी संवदेनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।