Wednesday, 30 Sep 2026

सीएम ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में रखा मप्र का हरित ऊर्जा विज़न

दावोस (22 जनवरी 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 में शामिल होने पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'डी-रीस्किंग द ग्रीन लीप: सब नेशनल ब्लू प्रिंट फॉर यूटिलिटी स्केल एनर्जी ट्रांजीशन' विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में भागीदारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की ऊर्जा यात्रा में नवकरणीय ऊर्जा की केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा मध्यप्रदेश के समावेशी और टिकाऊ विकास की आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन को प्रेरणा बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य स्वच्छ, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने हरित ऊर्जा को विकास की मुख्य धारा में शामिल किया है। उन्होंने बताया कि अन्तर्राज्यीय सहयोग और बेहतर समन्वय से राज्य में बिजली और जल आपूर्ति में स्थिरता आई है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ उद्योगों को भी लाभ मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण से जुड़ी नई नवकरणीय परियोजनाओं की प्रगति और आगामी योजनाओं की जानकारी भी दी। राउण्ड टेबल मीटिंग के समापन-सत्र में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी के हरित ऊर्जा विज़न को साझा किया। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नीति स्थिरता के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह उपभोक्ताओं और ऊर्जा क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। केन्द्रीय मंत्री जोशी ने सुधारोन्मुख राज्यों, विशेषकर मध्यप्रदेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सौर ऊर्जा संबंधित उपलब्धियाँ वैश्विक स्तर पर साझा की जा सकती हैं। उन्होंने श्रम, भूमि और ऊर्जा के बेहतर समन्वय से स्वच्छ ऊर्जा में जोखिम कम करने के मध्यप्रदेश मॉडल को उल्लेखनीय बताया और प्रौद्योगिकी निवेश और ब्लेंडेड फाइनेंस पर ज़ोर दिया।

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