गुवाहाटी (26 नवंबर 25)। असम के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की मौत अब सिर्फ एक दुर्घटना या संदेह का मामला नहीं रही, यह सीधा हत्या की साजिश में बदल गई है। असम विधानसभा में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जो खुलासा किया, उसने पूरे राज्य को हिला दिया। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सिंगापुर में जुबिन की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या थी। अब सरकार इस मामले को सबसे बड़ी प्राथमिकता के साथ देख रही है और आरोपी किसी भी कीमत पर बच नहीं पाएंगे।
विपक्ष द्वारा स्थगन प्रस्ताव लाए जाने के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने सदन में बताया कि शुरुआती जांच में ही पुलिस को संकेत मिल गए थे कि यह कोई सामान्य घटना नहीं थी। जांच टीम के मुताबिक यह हत्या पहले से रची गई साजिश के तहत की गई, एक व्यक्ति ने वारदात को अंजाम दिया और कई अन्य ने उसे इस अपराध में मदद पहुंचाई। सरकार के अनुसार, अब तक 4–5 संदिग्धों पर मामला दर्ज किया जा चुका है। पार्टी में ड्रिंक में जहर मिलाने का शक है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, CID की रिपोर्ट ने शक को और गहरा कर दिया है। जुबिन को जहर दिया गया, यह जहर उनके ड्रिंक में मिलाया गया था। हत्या के पीछे पैसों के लेनदेन से जुड़ा विवाद भी हो सकता है। मामले की गहराई को देखते हुए गुवाहाटी हाई कोर्ट के जज की अगुवाई में एक ज्यूडिशियल कमीशन भी गठित किया गया है। सरकार ने गृह मंत्रालय से मंजूरी लेकर 8 दिसंबर 2025 तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर ली है। 19 सितंबर की वह रात, जब सब बदल गया, 52 वर्षीय जुबिन गर्ग सिंगापुर में 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल' में शामिल होने गए थे। इसी दौरान 19 सितंबर 2025 को वे समुद्र में तैरते समय अचानक लापता हो गए और बाद में उनकी मौत की खबर आई। उनका पार्थिव शरीर जब भारत पहुंचा, तो हजारों की भीड़ उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी और लोगों ने न्याय की मांग तेज कर दी। असम पुलिस ने अब तक कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर हत्या, साजिश और सहयोग के आरोप हैं। सरकार का दावा है कि सभी से पूछताछ में अहम सुराग मिले हैं और साजिश की कड़ियां अब साफ दिखने लगी हैं।