भोपाल (09 सितंबर 24)। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में डिजिटल लिटरेसी को विकसित करने के उद्देश्य से आईसीटी (इन्फार्मेशन एण्ड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी) लैब स्थापित की जा रही हैं। प्रदेश में अब तक 3390 आईसीटी लैब स्थापित की जा चुकी हैं। केन्द्र सरकार की इस योजना में स्कूल में कम्प्यूटर लैब स्थापित की जा रही हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से कम्प्यूटर लैब की स्थापना का कार्य विकेन्द्रीकृत तरीके से जिलों द्वारा किया जा रहा है।
आईसीटी लैब की नियमित मॉनिटरिंग एवं मासिक समीक्षा गतिविधियों के लिये विमर्श पोर्टल में एक इंटीग्रेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया गया है। डिटिजल लिटरेसी से संबंधित कौशल आज के तकनीकी युग की आवश्यकता बन चुकी है। जिसमें भविष्य में विद्यार्थियों को अच्छे करियर ऑप्शन हो सकें। इसको ध्यान में रखते हुए आईसीटी लैब के अध्यापन से संबंधित पाठयवस्तु का निर्धारण किया गया है। कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थियों के लिये आईसीटी से संबंधित विषयवस्तु तैयार की गई है। आईसीटी लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को कम्प्यूटर, इंटरनेट और अन्य डिजिटल साधनों का उपयोग करने का प्रशिक्षण भी मिल रहा है, जिससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की आईसीटी के प्रति रूचि बढ़ी है।
प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिये स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इस कार्य में अनेक स्वयंसेवी संगठन शिक्षा से जुड़ी योजनाओें के क्रियान्वयन में राज्य सरकार की मदद कर रहे हैं। भिण्ड एवं धार जिले में बेसिक इलेक्ट्रीशियन ट्रेनिंग सेंटर चलाये जा रहे हैं। इन सेंटर में 18 वर्ष से अधिक के युवाओं को 4 माह का इलेक्ट्रिक से संबंधित कोर्स कराया जा रहा है। भिण्ड जिले के 10, धार जिले के 15 और भोपाल जिले के 10 स्कूलों में पिछले 3 वर्षों से विकास कार्य किये जा रहे हैं।