मुंबई (11 फरवरी 25)। 2025 में सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और यह ट्रेंड आगे भी जारी रहने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, और इसके 3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान है। 2025 में सोने की कीमतों में यह वृद्धि विभिन्न कारणों से हो सकती है, जिनमें बाजार की अस्थिरता, महंगाई का डर, ट्रेड वॉर, और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की भारी खरीदारी प्रमुख हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों और वैश्विक आर्थिक घटनाओं के कारण सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा, भारतीय बाजार में भी सोने की कीमत 85,680 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुकी है, जो अब तक की सबसे ऊंची कीमत है। ऐसे में, आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, और निवेशक इसे एक सुरक्षित संपत्ति के रूप में देख सकते हैं। पिछले 40 दिनों में सोने ने 10 बार अपने पुराने ऑल टाइम हाई को तोड़ा। सोमवार को वायदा कारोबार में सोने की कीमत ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया, जब यह 85,680 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अप्रैल महीने में आपूर्ति वाले अनुबंध का भाव भी इस उच्चतम स्तर पर पहुंचा।
2025 की शुरुआत में ही सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया। अब तक, सोने ने 10 नए ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बनाए हैं, और इसकी कीमत 2,886 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुकी है। भारतीय बाजार में भी सोने की कीमत 85,680 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जो 2025 में 11 फीसदी से ज्यादा की बढ़त को दर्शाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने की कीमतों में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है, और इसके 3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना है। इस तेजी के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं, जिनमें बाजार में अस्थिरता, महंगाई का डर, ट्रेड वॉर और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की भारी खरीदारी शामिल हैं।