मोगादिशु (01 अक्टूबर 26)। सोमालिया में समुद्री लुटेरों ने कब्जे में लिए गए एक ईंधन टैंकर पर चालक दल के पांच सदस्यों की हत्या कर दी, जिनमें एक भारतीय नाविक भी शामिल है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके बाद अफ्रीकी देश के सुरक्षा बलों ने जहाज पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया है। समाचार पोर्टल 'सोमालिया टुडे' के अनुसार पंटलैंड मैरीटाइम पुलिस फोर्स ने बताया कि मंगलवार तड़के तीन पाकिस्तानी, एक भारतीय और म्यांमा का एक नागरिक मारा गया। पीएमपीएफ ने पलाऊ के झंडे वाले ईंधन टैंकर 'एमटी ऑनर 25' को अपने कब्जे में लेने के लिए अभियान शुरू किया। उसने बताया कि चालक दल में शामिल पाकिस्तान के तीन और भारत का एक नागरिक घायल भी हो गया। पंटलैंड सोमालिया का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है।
PMPF ने इन मौतों के लिए पंटलैंड के तट के पास जहाज पर कब्जा किए हुए सोमालियाई समुद्री लुटेरों को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि यह नहीं बताया कि चालक दल के सदस्यों की मौत कैसे या कब हुई। यूरोपीय संघ के नौसैनिक बल के अनुसार, इस जहाज पर अप्रैल में उस समय कब्जा किया गया था जब वह सोमालिया की राजधानी मोगादिशु की ओर जा रहा था। जहाज पर चालक दल के करीब 17 सदस्य सवार थे, जिनमें अधिकांश पाकिस्तानी नागरिक थे। जहाज में तेल उत्पाद भी लदे थे। 'बीबीसी सोमाली' के अनुसार, चालक दल में 10 पाकिस्तानी, चार इंडोनेशियाई, एक भारतीय, एक श्रीलंकाई और एक म्यांमा का नागरिक शामिल था। पीएफपीएफ ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर बताया कि उसने धारिन-बार, बंदर बेयला जिले के तट के पास समुद्री अभियान चलाकर 'एमटी ऑनर 25' को सफलतापूर्वक बचाया। उसने कहा कि जहाज अब सुरक्षित है और पंटलैंड सरकार के नियंत्रण में है। अभियान के दौरान 16 संदिग्ध समुद्री लुटेरों को गिरफ्तार किया गया जबकि बाकी संदिग्धों की तलाश जारी है।
'द डेली सोमाली' ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि समुद्री लुटेरों ने शुरुआत में आत्मसमर्पण की पेशकश की और इस दौरान चालक दल के सदस्यों की मौत की बात छिपाई गयी। रिपोर्ट के मुताबिक, 18,500 बैरल ईंधन लेकर मोगादिशु जा रहे इस वाणिज्यिक जहाज पर 21 अप्रैल को समुद्री लुटेरों ने कब्जा किया था। एक अन्य घटनाक्रम में, सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने मंगलवार को टोगो के झंडे वाले टैंकर को भी छोड़ दिया। इस टैंकर को पंटलैंड के करकार क्षेत्र के पास बंधक बनाकर रखा गया था। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 30 हथियारबंद समुद्री लुटेरे जहाज से उतर गए और उन्होंने चालक दल के सभी 12 सदस्यों- मिस्र के आठ और भारत के चार लोगों को स्थानीय समुदाय को सौंप दिया था हालांकि, भागने से पहले लुटेरों ने 'एमटी यूरेका' को नुकसान पहुंचाया और उसके कुछ हिस्सों में आग लगा दी।