नईदिल्ली (28 नवंबर 24)। लोकसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है इस बीच, बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने संसद में सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती अश्लील कंटेंट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन प्लेटफार्म्स पर बिना किसी रोक-टोक के अश्लील सामग्री प्रसारित हो रही है, जो भारतीय संस्कृति के खिलाफ है और इसका समाज पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अरुण गोविल के सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'हमारे देश की संस्कृति और उन देशों की संस्कृति के बीच बहुत अंतर है, जहां पर अश्लील कंटेंट प्रदर्शित होते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए मौजूदा कानूनों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।' उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर भी अश्लील सामग्री प्रसारित की जाती है, और इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे।
अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा, 'मैं चाहूंगा कि इस मुद्दे पर एक स्थायी समिति बने और इस पर विचार किया जाए। हमें मौजूदा कानूनों को और मजबूत करने की आवश्यकता है और इसके लिए सभी पार्टियों के बीच आम सहमति बनानी चाहिए।'उनका यह बयान लोकसभा में मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए एक नई नीति का मसौदा तैयार कर रही है। उन्होंने कहा, 'पहले संपादकीय टीम होती थी, जो पब्लिश होने वाली सामग्री को चेक करती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब हमें इस तरह के कंटेंट पर नियंत्रण पाने के लिए नई नीति की आवश्यकता है।' यह बयान एल मुरुगन, जो केंद्रीय मंत्री हैं, के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार ओटीटी कंटेंट को विनियमित करने के लिए नई नीति बना रही है।