Monday, 28 Sep 2026

स्टार्टअप के नाम पर इसरो की भूमिका सीमित की: कांग्रेस

नईदिल्ली (07 सितंबर 26)। कांग्रेस ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर स्टार्टअप को बढ़ावा देने के नाम पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की भूमिका को जानबूझकर सीमित करने का रविवार को आरोप लगाया। पार्टी ने साथ ही दावा किया कि इसरो ने दशकों में जो क्षमताएं विकसित की हैं उन्हें ऐसी निजी कंपनियों को हस्तांतरित किया जा रहा है जिनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को लेकर संदेह है। 

कांग्रेस महासचिव और संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट का 'स्क्रीनशॉट' साझा किया। रिपोर्ट के अनुसार इसरो के प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने इसरो प्रमुख वी. नारायणन को पत्र लिखकर संगठन के निजीकरण की दिशा और उसके मौजूदा कर्मचारियों तथा भविष्य की भूमिका पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर सवाल उठाए हैं। रमेश ने 'एक्स' पर कहा, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के नाम पर मोदी सरकार इसरो की भूमिका को जानबूझकर सीमित कर रही है। इससे भी गंभीर बात यह है कि इसरो ने दशकों की कड़ी मेहनत से जो क्षमताएं विकसित की हैं उन्हें ऐसी निजी कंपनियों को हस्तांतरित किया जा रहा है जिनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि इसरो समुदाय के भीतर से आवाजें उठना साहसिक और सराहनीय है जैसा कि इंडियन एक्सप्रेस की आज की रिपोर्ट से सामने आया है। 

रमेश ने कहा कि भू-तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित होने वाले देश के पहले 'इमेजिंग' उपग्रह के सफल प्रक्षेपण ने निश्चित रूप से इसरो के भीतर लोगों का मनोबल बढ़ाया होगा, ठीक वैसे ही जैसे ही इस सफलता ने भारत और विदेशों में इसरो के आलोचकों और संगठन पर संदेह जताने वालों को निराशा दी होगी। उन्होंने कहा कि इसरो के एक पूर्व अध्यक्ष ने भी अपनी चिंताएं खुलकर व्यक्त की हैं जो स्पष्ट रूप से पूर्व प्रमुख जी. माधवन नायर का संदर्भ था।  रमेश ने कहा कि उनके जैसे अन्य लोगों को भी अपने विश्वास के पक्ष में खड़े होने का साहस दिखाना चाहिए और चुप नहीं रहना चाहिए ऐसे में जब साराभाई-धवन द्वारा खड़ी की गई इस शानदार विरासत को व्यवस्थित रूप से खत्म किया जा रहा है। कांग्रेस ने शुक्रवार को भू-तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित होने वाले देश के पहले 'इमेजिंग' उपग्रह के सफल प्रक्षेपण पर इसरो की सराहना की थी। 

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