Friday, 09 Oct 2026

स्वच्छता से खुलता है समृद्धि का द्वार : मुख्यमंत्री

इंदौर (04 सितंबर  25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वच्छता से समृद्धि आती है। स्वच्छता हमारी परंपरा, दिनचर्या और संस्कारों में सदियों से शामिल रही है, किंतु समय के साथ हम इसे भूलते गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन आदतों और संस्कारों को पुनर्जीवित कर स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के अंतर्गत आयोजित स्वच्छता कर्मवीरों के सम्मान और सहभोज कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर ने लगातार आठ बार प्रथम स्थान प्राप्त कर देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके लिए इंदौर के सभी 36 लाख नागरिक और विशेष रूप से स्वच्छता कर्मवीर बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में विश्वस्तरीय पहचान बनाई है। यह उपलब्धि टीम भावना, नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सफाईकर्मियों की अथक मेहनत से संभव हुई है।

इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी गौड, महेंद्र हार्डिया एवं ऊषा ठाकुर, अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, पूर्व विधायक जीतू जिराती, पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता कर्मवीरों का सम्मान कर उनके साथ भोजन किया। उन्होंने इंदौर को स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार आठ बार अव्वल बनाने के लिए स्वच्छता कर्मवीरों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मवीरों ने अपनी कर्मठता, लगन, मेहनत, सेवा और समर्पण भाव से कार्य कर इंदौर को नई ऊँचाईयों तक पहुँचाया है। साथ ही स्वच्छता कर्मवीर सही अर्थों में सम्मान के हकदार है। उन्होंने 'स्वच्छता का महागुरु' लोगो का विमोचन भी किया। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों को भी पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के पहले जीरो वेस्ट जू (प्राणी संग्रहालय) का शुभारंभ भी किया। 

Tags:

Follow us

This question is not available..!