भोपाल (21 मार्च 25)। हम सभी किसी न किसी रूप में उपभोक्ता हैं, लेकिन हमें अधिकारों की जानकारी नहीं है। स्वयं के साथ समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करना हमारी जिम्मेदारी है। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरूण शमी ने यह बात विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कही।
शमी ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश खरीदी ई-प्लेटफार्म के माध्यम से की जा रही हैं। इसमें गुणवत्तायुक्त सामग्री नहीं मिलने पर क्या कार्यवाही की जा सकती है, इसकी जानकारी होना चाहिए। जिला उपभोक्ता संरक्षण अदालतों में 50 लाख रूपये तक, राज्य उपभोक्ता संरक्षण आयोग में 50 लाख रूपये से 2 करोड़ रूपये तक और राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण आयोग में इससे अधिक राशि के प्रकरणों की सुनवाई की जाती है। उपभोक्ता निर्णय से असंतुष्ट होने पर 45 दिन में अगले स्तर पर अपील कर सकते हैं। उन्होंने सामाजिक संगठनों से आग्रह किया कि उपभोक्ताओं को सतत् जागरूक करते रहें। मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष व्ही.के. मल्होत्रा ने कहा कि उपभोक्ताओं की जागरूकता और योजनाओं का क्रियान्वयन करने वालों की संवेदनशीलता बहुत जरूरी है।
रजिस्ट्रार मध्यप्रदेश उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग शोभित जैन ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं संभाग और जिला स्तर पर भी आयोजित कर उपभोक्ताओं को जागरूक किया जाये। उन्होंने सस्टेनेबल फ्यूचर और ग्रीन फुट-प्रिंट के बारे में भी उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर जोर दिया। आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा ने बताया कि उपभोक्ता अदालतों में ऑनलाइन सुनवाई की भी व्यवस्था की गई है। इससे उपभोक्ता घर से ही सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं को प्रदत्त अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी।