Thursday, 01 Oct 2026

स्वामित्व योजना: पीएम ने 65 लाख संपत्ति कार्ड बांटे

नईदिल्ली (19 जनवरी 25)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्रामीण भारत के 65 लाख संपत्ति मालिकों को स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड वितरित किए। इस कार्यक्रम में पीएम ने इसे गांवों के लिए और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया। इस योजना के तहत 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 230 से अधिक जिलों के 50 हजार से ज्यादा गांवों के लोगों को संपत्ति कार्ड दिए गए हैं। यह योजना ग्रामीण भारत के लिए एक नई दिशा और शक्ति प्रदान करने का काम कर रही है।

स्वामित्व योजना की शुरुआत सरकारी सर्वेक्षण के तहत संपत्ति मालिकों को उनके स्वामित्व का अधिकार स्पष्ट करने के लिए की गई थी। इसके लिए गांवों में नवीनतम ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे हर गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों का सटीक सर्वेक्षण किया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के मालिकाना हक को स्पष्ट करना और संपत्ति विवादों को कम करना है। स्वामित्व योजना के तहत प्रत्येक परिवार को एक 'अधिकार का रिकॉर्ड' प्रदान किया जाता है, जिससे गांव के लोग अपनी संपत्ति के मालिक होने का कानूनी प्रमाण पा सकते हैं। स्वामित्व योजना ने भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कई सकारात्मक बदलाव लाए हैं। सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी आई है। जब गांव के लोग अपनी संपत्ति के अधिकार को कानूनी रूप से साबित कर सकते हैं, तो इससे भूमि विवादों की स्थिति कम हो जाती है। इसके अलावा, यह योजना संपत्तियों के मुद्रीकरण को भी आसान बनाती है। इससे ग्रामीण लोग बैंक से ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जो पहले उनकी संपत्ति के अधिकारों की कमी के कारण संभव नहीं था। स्वामित्व योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति कर के बेहतर मूल्यांकन की सुविधा भी प्रदान की है, जिससे गांवों की आय में सुधार हुआ है। इसके अलावा, यह योजना ग्रामीण सशक्तिकरण और शासन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।

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