वाशिंगटन (06 सितंबर 25)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तहलका मचा दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत और रूस को अपनी पकड़ से खो दिया है और दोनों देश अब चीन के बढ़ते प्रभाव के अधीन आ गए हैं। ट्रंप ने ट्विट कर लिखा, 'लगता है हमने भारत और रूस को खो दिया है- और वो अब सबसे गहरे, सबसे अंधेरे चीन के साथ जा मिले हैं। खैर, ईश्वर करे उनकी जोड़ी लंबे समय तक चले और खूब फलती-फूलती रहे!' यह टिप्पणी उन्होंने इस सप्ताह चीन के तियांजिन में हुई शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के बाद की।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के शी जिनपिंग की एक तस्वीर भी साझा की। इसके साथ उन्होंने लिखा, 'लगता है हमने भारत और रूस को गहरे और अंधेरे चीन को सौंप दिया है। ईश्वर करें उनका भविष्य लंबा और समृद्ध हो।' इस सप्ताह की शुरुआत में तियांजिन में विश्व के कई प्रमुख नेताओं ने शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक को खासतौर पर ट्रंप की भारत के खिलाफ कड़ी टैरिफ नीतियों के प्रति चुनौती के रूप में देखा गया। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन के बीच दिखाए गए दोस्ताना और मजबूत संबंधों ने वैश्विक मंच पर खासा ध्यान खींचा, खासकर पश्चिमी देशों में। विशेषज्ञों ने इस बैठक को 'वैश्विक सत्ता के समीकरणों में नाटकीय बदलाव' के रूप में भी बताया है। भारत, रूस और चीन के बीच बढ़ती निकटता ने अमेरिका के रणनीतिक प्रभुत्व को चुनौती दी है, जिसे ट्रंप ने अपने बयान में भी स्वीकार किया है। ट्रंप के इस बयान ने वैश्विक कूटनीति में नए सवाल खड़े कर दिए हैं और आने वाले समय में इसके प्रभावों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।