गाजा (19 अक्टूबर 24)। हमास ने शुक्रवार को पुष्टि की कि उसका नेता याह्या सिनवार गाजा में इजराइली बलों के हमले में मारा गया है। साथ ही चरमपंथी संगठन ने अपना यह रुख दोहराया कि एक साल पहले इजराइल से बंधक बनाए गए लोगों को तब तक नहीं छोड़ा जाएगा, जब तक गाजा में संघर्ष विराम नहीं होता और इजराइली सैनिकों की वापसी नहीं होती। इससे एक दिन पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि जब तक बंधकों को रिहा नहीं किया जाता तब तक देश की सेना लड़ती रहेगी और हमास को कमजोर करने के लिए गाजा में तैनात रहेगी।
दोनों पक्षों का यह रुख इस बात का संकेत देता है कि दोनों ही संघर्ष को समाप्त करने के करीब नहीं हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और दुनिया के अन्य नेताओं ने कहा है कि सिनवार की मौत एक ऐसा निर्णायक मोड़ है जिसका इस्तेमाल रुकी हुई संघर्ष विराम वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए होना चाहिए। कतर में रहने वाले सिनवार के सिपहसालार खलील अल-हैया ने कहा, ‘गाजा में हमलों के समाप्त होने और गाजा से सैनिकों की वापसी से पहले वो कैदी आपके पास नहीं लौटेंगे।' हमास ने बयान में सिनवार को नायक बताया है और कहा है कि ‘वह एक वीर शहीद के रूप में उभरे, आगे बढ़े और पीछे नहीं हटे, अपने हथियार लहराए, अग्रिम मोर्चे पर कब्जा करने वाली सेना से भिड़ गये और उसका सामना किया।' इजराइली सैनिकों के साथ बुधवार को हुई मुठभेड़ में सिनवार की मौत गाजा युद्ध के समीकरण को बदल सकती है। दूसरी ओर इजराइल दक्षिणी लेबनान में जमीनी सैनिकों के साथ हिजबुल्ला के खिलाफ अपने हमले को जारी रखे हुए है और देश के अन्य क्षेत्रों में हवाई हमले कर रहा है। इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से हिजबुल्ला ने लगभग हर दिन इजराइल में रॉकेट दागे हैं।