नईदिल्ली (24 जून 26)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के युवा अधिकारियों से कहा कि हर फाइल अनगिनत नागरिकों की उम्मीदों, चिंताओं और जिंदगी को परिलक्षित करती है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों से कहा कि वे हर फैसले में लोगों को केंद्र में रखें और यह सुनिश्चित करें कि शासन संवेदनशील, जवाबदेह और समावेशी हो। प्रधानमंत्री 2024 बैच के 183 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इन अधिकारियों को यहां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सहायक सचिवों के तौर पर तैनात किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास की बड़ी चुनौतियों का अलग-अलग हल नहीं किया जा सकता और सार्थक एवं स्थायी परिणाम के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने युवा प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि वे मज़बूत मकसद, नवाचार और नागरिक-केंद्रित शासन के साथ खुद को राष्ट्र-निर्माण के लिए समर्पित करें।
प्रधानमंत्री ने उनसे आग्रह किया कि वे हमेशा हर प्रशासनिक फाइल के पीछे मानवीय प्रभाव को ध्यान में रखें। एक आधिकारिक बयान के अनुसार मोदी ने कहा कि हर फाइल अनगिनत नागरिकों की आकांक्षाओं, चिंताओं और ज़िंदगी को परिलक्षित करती है। बयान में कहा गया है कि 'नागरिक देवो भव' के मंत्र पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों से कहा कि वे हर फ़ैसले में नागरिकों को केंद्र में रखें और यह सुनिश्चित करें कि शासन संवेदनशील, जवाबदेह और समावेशी बना रहे। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे राष्ट्र-निर्माण में अपने योगदान का लगातार मूल्यांकन करें और पद से नहीं, बल्कि हासिल किए गए नतीजों से संतुष्टि प्राप्त करें। मोदी ने कहा कि क्षेत्र में काम करने और प्रशासनिक सीख लेने के दो साल बाद, अधिकारी अब एक अहम मोड़ पर हैं, जहां उनके फैसले न सिर्फ उनके अपने करियर को, बल्कि करोड़ों नागरिकों के भविष्य को भी आकार देंगे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जनसेवा की असली परीक्षा ईमानदारी, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ मौजूदा स्थितियों को संभालने से शुरू होती है।