यरूशलम (18 मार्च 26)। मिडिल ईस्ट में इजराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात अब ऐसे हो चुके हैं कि यह टकराव बड़े युद्ध का रूप ले सकता है और पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरा पैदा हो गया है। इजराइल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने दावा किया है कि पिछले दो हफ्तों में हिज़्बुल्लाह ने करीब 2000 मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन इजराइली नागरिकों की तरफ दागे हैं। उन्होंने कहा कि इन हमलों की वजह से बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े और वे लंबे समय से डर के साये में जी रहे हैं।
दूसरी ओर, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूनाइटेड किंगडम ने एक संयुक्त बयान जारी कर लेबनान में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई और सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की। इन देशों ने नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की निंदा भी की।हालांकि, इजराइल ने इस बयान को पूरी तरह खारिज कर दिया। गिडियन सार ने इसे 'हकीकत से दूर' बताते हुए कहा कि इसमें इजराइली नागरिकों की पीड़ा को नजरअंदाज किया गया है और एक लोकतांत्रिक देश और एक आतंकी संगठन को बराबरी पर रखा गया है। इस बीच इजरायली सेना ने लेबनान में कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक किए हैं। सेना का कहना है कि उसने दक्षिणी लेबनान में रॉकेट लॉन्च साइट्स और बेरूत में हिज़्बुल्लाह के कमांड सेंटर को निशाना बनाया है। इजराइली सेना के प्रवक्ता अविचे आद्री ने कुछ इलाकों के लोगों को तुरंत घर खाली करने की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बड़े सैन्य ऑपरेशन किए जाएंगे और हिज़्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। वहीं हिज़्बुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। संगठन का कहना है कि उसने सीमा के पास इजराइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और कई हमले किए। इस पूरे घटनाक्रम के बीच लेबनान में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं और हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।