सना (19 अप्रैल 25)। यमन के हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले रास ईसा तेल बंदरगाह पर बीते दिन अमेरिकी हवाई हमले में कम से कम 74 लोग मारे गए और 171 अन्य घायल हो गए। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा शुरू किए गए अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की आपूर्ति लाइनों को बाधित करना और उन्हें वित्तीय संसाधनों से वंचित करना है।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि इस हमले का उद्देश्य रास ईसा बंदरगाह को नष्ट करना था, जो हूती विद्रोहियों के लिए ईंधन आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण स्रोत था। CENTCOM ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का मकसद यमन के नागरिकों को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि हूती विद्रोहियों की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था। हूती नियंत्रित मीडिया चैनल अल-मसीरा ने इस हमले को 'अवैध आक्रमण' बताते हुए इसे युद्ध अपराध करार दिया। हूती अधिकारियों ने दावा किया कि हमले में मारे गए लोग आम नागरिक थे, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।