Wednesday, 30 Sep 2026

‘ज्ञानवापी ही साक्षात विश्वनाथ हैं’,'इसे मस्जिद कहना दुर्भाग्यपूर्ण': योगी

गोरखपुर (15 सितंबर 24)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि ज्ञानवापी को 'मस्जिद' कहना 'दुर्भाग्यपूर्ण' है और ज्ञानवापी स्वयं भगवान विश्वनाथ का एक सच्चा स्वरूप है। योगी ने शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘समरस समाज के निर्माण में नाथपंथ का योगदान' नामक विषय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की, जहां काशी और ज्ञानवापी के पूजनीय स्थल के आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग ज्ञानवापी को मस्जिद कहते हैं, जबकि यह स्वयं भगवान विश्वनाथ का स्वरूप है।' 

मुख्यमंत्री ने पौराणिक ऋषि आदि शंकर का भी विस्तृत उल्लेख किया और काशी में भगवान विश्वनाथ के साथ शंकर की मुलाकात के बारे में एक किस्सा सुनाया। यह किस्सा सुनाते हुए ही मुख्यमंत्री ने ज्ञानवापी को स्वयं भगवान का प्रत्यक्ष स्वरूप बताया। मुख्यमंत्री ने कहा, 'दुर्भाग्य से ज्ञानवापी को आज लोग दूसरे शब्दों में मस्जिद कहते हैं, लेकिन ज्ञानवापी साक्षात विश्वनाथ ही है...।' ज्ञानवापी मुद्दा लंबे समय से चली आ रही कानूनी लड़ाई का केंद्र रहा है, जिसमें हिंदू पक्ष का तर्क है कि ज्ञानवापी मस्जिद कथित तौर पर पहले से मौजूद मंदिर के अवशेषों पर बनाई गई थी, जबकि मुस्लिम पक्ष ने इस दावे का विरोध किया है। दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन हिंदुस्तानी अकादमी, प्रयागराज के सहयोग से किया गया है। योगी ने कहा कि भारतीय ऋषियों-संतों की परंपरा सदैव जोड़ने वाली रही है, इस संत-ऋषि परंपरा ने प्राचीन काल से ही समतामूलक और समरस समाज को महत्व दिया है।

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