इस्लामाबाद (29 मई 26)। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान की शिक्षा व्यवस्था और इतिहास लेखन पर बड़ा सवाल उठाते हुए कहा है कि देश के बच्चों को 'गलत इतिहास' पढ़ाया जा रहा है। उनके बयान ने पाकिस्तान में पहचान, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के कई लोग अपनी असली जड़ों को स्वीकार नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आधे लोग यह दावा करते हैं कि उनके पूर्वज सऊदी अरब या ईरान से आए थे, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, 'मेरे पूर्वज हिंदू थे। क्या इससे मैं कम पाकिस्तानी हो जाता हूं?'
ख्वाजा आसिफ ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की इतिहास की किताबों से कई महत्वपूर्ण भारतीय शासकों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लगभग मिटा दिया गया। उन्होंने कहा कि चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक जैसे शासकों को इसलिए नजरअंदाज किया गया क्योंकि वे हिंदू थे। उनके मुताबिक, पाकिस्तान में ऐसी सोच तैयार की गई जिससे नई पीढ़ी अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से दूर हो जाए। आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में लंबे समय से एक ऐसी मानसिकता विकसित की गई जिसमें लोगों को अपने ही अतीत से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चे तथ्यात्मक इतिहास नहीं पढ़ रहे और आज कई युवाओं को यह भी नहीं पता कि चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक कौन थे। यह बयान ऐसे समय आया है जब ख्वाजा आसिफ पहले से ही अमेरिका और इजरायल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा में हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों से अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने और इजरायल को मान्यता देने की अपील की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान अपनी पुरानी नीति पर कायम है और जब तक 1967 की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र नहीं बनता, तब तक पाकिस्तान इजरायल को मान्यता नहीं देगा।