Wednesday, 30 Sep 2026

‘साइबर सुरक्षित भारत’ विज़न को साकार करती ई-जीरो एफआईआर

ग्वालियर (25 दिसंबर 25)। ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'साइबर सुरक्षित भारत' के दृष्टिकोण और अक्टूबर 2024 में उनके 'मन की बात' संबोधन के अनुरूप है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में साइबर अपराध से निपटने हेतु ऐतिहासिक और तकनीक-आधारित कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस को ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाए जाने की परंपरा के अनुरूप, मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रशासनिक सुशासन को सुदृढ़ करने हेतु एक नवीन अभिनव पहल के रूप में ई-जीरो एफआईआर व्‍यवस्‍था काशुभारंभ किया गया जिसका उद्घाटन ग्वालियर में आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट के दौरान माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया। इस अवसर पर ई-जीरो एफआईआर की पहली प्रति माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपी गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश, दिल्ली के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहाँ ई-जीरो एफआईआर प्रणाली को लागू किया गया है। यह पहल पुलिस को अपराधियों से एक कदम आगे रखने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास), उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, अध्यक्ष मध्यप्रदेश विधानसभा नरेन्द्र सिंह तोमर, मंत्री जल संसाधन एवं प्रभारी मंत्री ग्वालियर तुलसीराम सिलावट तथा मंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग चेतन्य काश्यप की विशिष्ट उपस्थिति रही। मध्यप्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों की चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तकनीक का दुरुपयोग कर जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि जैसे हमने स्वच्छता को अपनी संस्कृति बनाया है, वैसे ही हमें साइबर स्वच्छता को भी अपनी संस्कृति बनाना होगा। प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था का संचालन पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए. साईं मनोहर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य पुलिस को अपराधियों से अधिक तेज, तकनीक-सक्षम और नागरिक-केंद्रित बनाना है।


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