नईदिल्ली (12 मई 25)। भारत ने कहा है कि नियंत्रण रेखा पर हुई गोलाबारी और छोटे हथियारों से गोलीबारी में लगभग 40 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। भारत का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान की तरफ से की गई गोलीबारी का जवाब था। भारत द्वारा हाल ही में किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' और पाकिस्तान के साथ तनाव को लेकर एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। कॉन्फ्रेंस की शुरुआत शिवतांडव की धुन से हुई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, भारतीय वायु सेना के महानिदेशक वायु अभियान (एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती और भारतीय नौसेना के महानिदेशक नौसेना अभियान वाइस एडमिरल एएन प्रमोद शामिल हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' का उद्देश्य केवल आतंकियों का खात्मा था। उन्होंने बताया कि इस अभियान में 100 आतंकवादी मारे गए और उनके ठिकानों को नष्ट करने के प्रमाण भी प्रस्तुत किए गए। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने यह भी बताया कि मुदस्सर खार, हाफिज जमील और यूसुफ अजहर जैसे तीन प्रमुख आतंकियों को इस कार्रवाई में ढेर किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' की योजना पहलगाम में भारतीय नागरिकों पर हुए हमले के बाद बनाई गई। इस ऑपरेशन का स्पष्ट सैन्य उद्देश्य आतंकवादियों और उनके ठिकानों को तबाह करना था। उन्होंने बताया कि भारतीय एजेंसियों ने सीमा पार आतंकी कैंपों की गहराई से पहचान की, जिनमें से कई ठिकाने पहले ही खाली कर दिए गए थे। हालांकि, नौ ऐसे ठिकाने मिले जिन्हें सक्रिय माना गया। इनमें से कुछ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीरऔर कुछ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित थे, जैसे मुरीदके, जो कसाब और डेविड हेडली जैसे आतंकियों से जुड़ा रहा है। जनरल घई ने बताया कि इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें यूसुफ अज़हर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे हाई वैल्यू टारगेट शामिल हैं। ये आतंकी IC 814 हाइजैक और पुलवामा हमले से जुड़े थे।