कोलकाता (08 जुलाई 26)। बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या करने के मामले के मुख्य आरोपियों में से एक पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह मुठभेड़ मई में राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद इस तरह की पहली पुलिस कार्रवाई है। पुलिस की यह कार्रवाई इस घटना को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच हुई है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी की पहचान प्रभास मंडल के रूप में हुई जिसे इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि बच्ची के लापता होने से पहले सीसीटीवी फुटेज में मंडल को उसके साथ देखा गया था।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंडल पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को कथित तौर पर गुमराह कर रहा था और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था, जिसके कारण जांच टीम घटना की कड़ियों को जोड़ने और अपराध में उसकी भूमिका का पता लगाने के लिए उसे मंगलवार रात 12 बजकर 45 मिनट पर दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के सूर्यपुर ले गई थी। उन्होंने कहा, 'इसी दौरान, उसने अचानक एक पुलिसकर्मी से उसकी सरकारी पिस्तौल छीनी और भागने का प्रयास किया। मंडल ने पुलिस टीम पर एक गोली भी चलाई। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया।' मंडल को बारुईपुर उप-मंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए आरोपी का मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा भरा जाएगा, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जाएगा। पुलिस की एक टीम ने बुधवार सुबह मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण किया और कथित गोलीबारी से जुड़े साक्ष्यों की वीडियोग्राफी की। जांचकर्ताओं का दावा है कि मंडल इस वारदात में शामिल था और वही बच्ची को मुख्य आरोपियों के पास ले गया था। इस मामले में अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, इसके बदले मंडल को 10,000 रुपये देने का कथित तौर पर वादा किया गया था। उन्होंने बताया कि मंडल पीड़िता को उस समय बहला-फुसलाकर एक सुनसान स्थान पर ले गया था, जब वह अपने दोस्त के लिए जन्मदिन का उपहार खरीदने घर से निकली थी।
इस बीच, एसटीएफ, बारुईपुर एसओजी और जिला पुलिस के एक संयुक्त अभियान में उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट से अन्य आरोपी कबीर मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कहा कि मोल्ला अपराध के बाद से ही फरार था। उसे पूछताछ के लिए बारुईपुर लाया गया। उसने बताया कि इस मामले में अब तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मंडल के अलावा, आनंद सरदार और दिवाकर सरदार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। चार जुलाई को लापता हुई लड़की का शव अगले दिन सूर्यपुर हाट इलाके में एक तालाब से एक बोरे में मिला था। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संकेत मिला है कि उसका यौन उत्पीड़न किया गया, सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई गई और फिर उसे बोरे में बंद करके जीवित ही तालाब में फेंक दिया गया।