नईदिल्ली (03 दिसंबर 24)। संसद में केंद्र और विपक्ष के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत लोकसभा और राज्यसभा दोनों में संविधान को अपनाए जाने के 75 वर्षों के उपलक्ष्य में बहस आयोजित की जाएगी। यह बहस लोकसभा में 13 और 14 दिसंबर को और राज्यसभा में 16 और 17 दिसंबर को होगी। इस बहस में संविधान की ऐतिहासिक अहमियत और इसके प्रभाव पर गहरी चर्चा की जाएगी। यह महत्वपूर्ण सहमति उस समय हुई, जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के नेताओं ने संविधान पर बहस करने की तारीख तय की। संसद में लंबे समय से चल रहे गतिरोध को समाप्त करते हुए यह निर्णय लिया गया। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद भवन के बाहर संवाददाताओं से कहा, 'संविधान पर यह बहस 13 और 14 दिसंबर को लोकसभा में और 16 और 17 दिसंबर को राज्यसभा में होगी।' उन्होंने आगे कहा, 'संसदीय कार्यवाही को बाधित करना उचित नहीं है। हम सभी विपक्षी दलों के नेताओं से अपील करते हैं कि वे इस समझौते पर अमल करें और संसद के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करें।' लोकसभा और राज्यसभा में होने वाली इन बहसों में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।