नईदिल्ली (19 जनवरी 25)। केंद्र सरकार पर अपनी मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और दो प्रमुख किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। इस बैठक में किसानों ने सहमति जताई कि वे 14 फरवरी को केंद्र के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। यह बैठक चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में आयोजित की जाएगी।किसान संगठनों के नेताओं ने बताया कि इस बैठक में केंद्र के अधिकारियों के साथ किसान नेताओं की बातचीत हुई थी, जिसमें केंद्र ने 14 फरवरी को बैठक आयोजित करने का समय तय किया। किसान नेताओं की मांग थी कि यह बैठक जल्द हो, लेकिन केंद्र ने आचार संहिता के कारण यह बैठक 9 फरवरी से पहले कर पाना संभव नहीं बताया।
साथ ही, इस बैठक में यह भी चर्चा हुई कि एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के संयोजक, जगजीत सिंह डल्लेवाल ने चिकित्सा सहायता लेने के लिए अपनी सहमति दी है। डल्लेवाल पिछले कई हफ्तों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जो शनिवार को उनके आमरण अनशन का 54वां दिन था। वे किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर खनौरी सीमा पर भूख हड़ताल पर बैठे थे।किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि डल्लेवाल का संघर्ष अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने किसानों का मजबूत नेतृत्व किया और उनकी आवाज को मजबूती से उठाया। कोहाड़ ने आगे कहा कि उन्होंने डल्लेवाल से अपील की है कि वे अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए मेडिकल मदद लें। उन्होंने मंच से यह घोषणा की कि वे डल्लेवाल से व्यक्तिगत रूप से मिलने जाएंगे और उन्हें चिकित्सा सहायता लेने के लिए मनाएंगे।
किसान नेता ने यह भी कहा कि एसकेएम के अन्य नेता डल्लेवाल के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित हैं और उनकी स्थिति को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने इस दौरान डल्लेवाल के संघर्ष की सराहना करते हुए उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की सलाह दी है। यह बैठक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि वे 14 फरवरी को केंद्र से अपनी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक और समुचित जवाब की उम्मीद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर किसी भी प्रकार के समझौते के लिए तैयार नहीं हैं, और केंद्र से कोई ठोस समाधान चाहते हैं।