नईदिल्ली (22 अप्रैल 25)। भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक अहम बयान में कहा कि केंद्र सरकार का प्रमुख लक्ष्य साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने यह बात अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान भारतीय प्रवासी समुदाय से संवाद करते हुए कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए सरकार राजकोषीय अनुशासन, समावेशी विकास, और प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है।
सीतारमण ने कहा कि भारत ने कोविड-19 महामारी के दौरान भी राजकोषीय विवेक का परिचय दिया। महामारी के दौरान देश का राजकोषीय घाटा जरूर बढ़ा, लेकिन सरकार ने उसके बाद हर साल के लिए लक्ष्य तय किए और 2026 तक घाटे को 4.5% से नीचे लाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा, 'हमने 2021 में स्पष्ट कर दिया था कि हम अपने घाटे को कैसे नियंत्रित करेंगे। हर साल तयशुदा लक्ष्य के अनुसार काम हो रहा है और हम उससे पीछे नहीं हटे हैं।'
सीतारमण ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार का मुख्य फोकस 2047 तक 'विकसित भारत' का निर्माण है। उन्होंने बताया कि इन वर्गों को सशक्त बनाकर देश के सामाजिक और आर्थिक आधार को मजबूत किया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि भारत का ध्यान अब उभरते क्षेत्रों की ओर भी है, जो भविष्य की आर्थिक संरचना को मजबूत करने में सहायक होंगे। उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए बताया कि भारत इस क्षेत्र में वैश्विक अगुवा के रूप में उभरा है। 'भारत अब डिजिटल रूपांतरण और नवाचार के मामले में अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। हम नई तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में वैश्विक मानक स्थापित कर रहे हैं।'