Tuesday, 29 Sep 2026

328 पवित्र स्वरूपों के मामले में पुलिस को कोई सहयोग नहीं: SGPC

अमृतसर (07 जनवरी 26)। 328 पवित्र स्वरूपों की चल रही जांच के बीच शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने बड़ा ऐलान कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, SGPC ने साफ कर दिया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पवित्र स्वरूपों के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के मुताबिक SGPC पुलिस प्रशासन को किसी भी तरह का सहयोग नहीं करेगी और न ही कोई रिकॉर्ड देगी। 

आज यहां SGPC के सेक्रेटरी प्रताप सिंह की अगुवाई में अधिकारियों की मीटिंग के बाद जारी एक बयान में पूरे मामले पर सिख संगठन की स्थिति साफ की गई और कहा गया कि इस मामले में जो आरोपी कर्मचारी थे, उनके बारे में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने श्री अकाल तख्त साहिब की जांच रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई पूरी कर ली है। इस मामले पर श्री अकाल तख्त साहिब का आदेश सिख संगठन के लिए आखिरी है, जिसके मुताबिक सरकार को कोई सहयोग नहीं दिया जा सकता। शिरोमणि कमेटी के सेक्रेटरी प्रताप सिंह ने बताया श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों की भेज निजी फायदे के लिए इस्तेमाल करने और रिकार्ड से छेड़छाड़ करने वाले सीधे तौर पर 3 कर्मचारी कंवलजीत सिंह, बाज सिंह व दलबीर सिंह है। उन्होंने अपने लालच के लिए शिरोमणि कमेटी के पूरे एडमिनिस्ट्रेशन को बदनाम किया। शिरोमणि कमेटी के नियमों के मुताबिक, जब श्रद्धालु या गुरुद्वारा कमेटियां पवित्र स्वरूपों की मांग करती हैं, तो नियमों के मुताबिक, प्रचारक की जांच रिपोर्ट और शिरोमणि कमेटी मेंबर की सिफारिश के बाद सेक्रेटरी लेवल के अधिकारी द्वारा मंजूरी दी जाती है। 

इसके बाद पवित्र स्वरूप देते समय दान की रकम जमा कर दी जाती है और रसीद जारी करके उसे रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया जाता है। इस प्रोसेस को नजरअंदाज करके पब्लिकेशन डिपार्टमेंट में तैनात उस समय के कर्मचारियों ने यह जिम्मेदारी नहीं निभाई। इस तरह, सीधे तौर पर दोषी होने के कारण उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और इसके साथ ही कई सीनियर अधिकारियों को एडमिनिस्ट्रेटिव कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सिख संगठन सिख गुरुद्वारा एक्ट की भावना के अनुसार काम करता है और इसमें काम करने वाले हर कर्मचारी की अपनी तय जिम्मेदारी होती है। अगर कोई इसकी बात नहीं मानता है, तो संगठन को सर्विस नियमों के मुताबिक उसके खिलाफ डिपार्टमेंटल एक्शन लेने का अधिकार है। शिरोमणि कमेटी के अधिकारियों ने पंजाब सरकार चला रही आम आदमी पार्टी के नेताओं की तरफ से दिए जा रहे बेबुनियाद बयानों को भी सिख संगठन को बदनाम करने की जानबूझकर की गई हरकत बताया। प्रताप सिंह ने कहा कि शिरोमणि कमेटी पूरी सिख कौम की है, जिसके खिलाफ गलत प्रचार से सिखों के एक सम्मानित संगठन को नुकसान पहुंचने वाला है। उन्होंने कहा कि मीडिया से बात करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता श्री बलतेज पन्नू इस बात का ध्यान नहीं रख रहे हैं कि उनकी बातें किसी भी तरह से सही नहीं हैं। मनमाने बयानों से सिख संगठन की परंपराओं और आभा को बहुत नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पवित्र स्वरूप तय नियमों के मुताबिक ही संगत को दिया जाता है। आप नेता का यह बयान कि SGPC प्रेसिडेंट के पास पवित्र स्वरूपों के बारे में डायरी है, संगत को गुमराह करने वाला है। ऐसा कोई कानून नहीं है, जैसा डायरी वगैरह के बारे में फैलाया जा रहा है।

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