लखनऊ (07 अगस्त 26)। हाल ही में शुरू हुआ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे अपनी खराब गुणवत्ता को लेकर चर्चाओं में है। 13 जुलाई को जिस एक्सप्रेसवे का बड़ी धूमधाम से उद्घाटन किया गया था, वह महज 20 दिनों के भीतर 5 जगह से धंस चुका है। अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें मरम्मत के बाद सड़क को सुखाने के लिए बड़े-बड़े पंखों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस वीडियो को लेकर सियासत तेज हो गई है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स (X) पर वीडियो शेयर करते हुए योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि यह भाजपाई तरक्की की नई हवा है। अखिलेश ने सवाल उठाया कि उद्घाटन के तुरंत बाद सड़क का बार-बार धंसना और पंखों से उसे सुखाना हास्यास्पद है। ऐसे में तेज रफ्तार गाड़ियों के हादसों की जिम्मेदारी कौन लेगा? करीब 4,200 करोड़ रुपए की लागत से बने 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे की हालत देख प्रशासन भी हरकत में आ गया है। एनएचएआई (NHAI) ने सख्त कदम उठाते हुए टोल वसूली पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। मरम्मत का पूरा 3 करोड़ रुपए का खर्च निर्माण कंपनी से ही वसूला जाएगा।
लापरवाही सामने आने पर NHAI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को हटा दिया है, जबकि पूर्व डायरेक्टर सौरभ चौरसिया को चार्जशीट थमाई है। इसके अलावा कंस्ट्रक्शन कंपनी पीएनसी इंफोटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की सिफारिश की गई है और प्रोजेक्ट मैनेजर सहित 3 अफसरों पर 2 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के कारण नीचे की मिट्टी खिसकने से यह हादसा हुआ। हालांकि, तकनीकी खामी की गहराई से जांच के लिए आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। फिलहाल एक लेन बंद होने के कारण यात्रियों को डायवर्जन और ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।