नईदिल्ली (15 नवंबर 24)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐतिहासिक दौरा करने जा रहे हैं। दरअसल, वह 19 से 21 नवंबर 2024 तक गुयाना गणराज्य का ऐतिहासिक दौरा करेंगे। यह 1968 के बाद भारतीय प्रधानमंत्री का गुयाना का पहला दौरा होगा। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और गुयाना के बढ़ते और मजबूत होते रिश्तों को दर्शाता है, जो दोनों देशों के साझा औपनिवेशिक इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और रणनीतिक हितों पर आधारित हैं। इस यात्रा से भारत और गुयाना के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने का अवसर मिलेगा, खासकर कैरिबियाई समुदाय के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में।
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली से कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिनमें ऊर्जा, रक्षा और सांस्कृतिक सहयोग शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति अली जॉर्जटाउन में होने वाले दूसरे भारत-कैरीकॉम शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे, जिसमें भारत और कैरिबियाई देशों के बीच आर्थिक सहयोग, जलवायु परिवर्तन, और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी गुयाना की संसद (नेशनल एसेम्बली) को भी संबोधित करेंगे, जो भारत और गुयाना के लोकतांत्रिक रिश्तों की गहराई को दिखाता है। यह दौरा भारत के लिए वैश्विक साझेदारियों को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण है, खासकर अमेरिका के साथ संबंधों को बढ़ाने के संदर्भ में। गुयाना में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी संख्या है, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का मजबूत आधार हैं। गुयाना में 3,27,000 से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो देश के सबसे बड़े जातीय समूह हैं। प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान गुयाना में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र का दौरा करेंगे और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके अलावा, वे इंडियन एराइवल मॉन्यूमेंट का भी दौरा करेंगे, जो 1838 में गुयाना में भारतीय श्रमिकों के आगमन को याद करता है।