नईदिल्ली (13 जुलाई 25)। भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक अहम फैसला लिया है। रेलवे ने देशभर में चलने वाली ट्रेनों के 74,000 से अधिक यात्री डिब्बों और 15,000 लोकोमोटिव इंजनों में हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना शुरू की है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक डिब्बे में चार कैमरे और प्रत्येक लोकोमोटिव में छह कैमरे लगाए जाएंगे। यात्री डिब्बों में दो कैमरे प्रवेश द्वारों और साझा क्षेत्रों में लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।
इन कैमरों की खासियत यह है कि ये कम रोशनी में भी उच्च गुणवत्ता की रिकॉर्डिंग करने में सक्षम हैं। इसके अलावा, ये कैमरे तेज गति से चलती ट्रेनों में भी स्पष्ट और स्थिर फुटेज प्रदान कर सकते हैं। इससे ट्रेनों में सुरक्षा मानकों को एक नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। रेलवे का यह कदम हाल के वर्षों में ट्रेनों के भीतर बढ़ती आपराधिक घटनाओं, विशेषकर महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों के मद्देनज़र एक प्रभावी निगरानी तंत्र तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, यह पूरी परियोजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी, जिससे न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि अपराधों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। यात्रियों की सुरक्षा, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारतीय रेलवे ने एक और बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि अक्टूबर 2026 तक देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। अश्विनी वैष्णव ने अप्रैल 2025 में संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि रेलवे महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा, 'देशभर में रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगाने का कार्य जारी है, और अगले डेढ़ साल में सभी स्टेशनों को सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है।'