चंडीगढ़ (01 नवंबर 25)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। पंजाब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने चंडीगढ़ के सैक्टर-2 में मुख्यमंत्री कोटे के तहत मिली सरकारी कोठी को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए नया आवास (शीश महल) तैयार किए जाने के मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। यह मामला सिर्फ पंजाब तक सीमित शर्मा ने अपने ट्वीट में लिखा कि नहीं रहा बल्कि इसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही है। आम आदमी पार्टी की ही राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल द्वारा इस खुलासे के बाद अश्वनी शर्मा ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधे कटघरे में खड़ा किया। अश्वनी शर्मा ने आरोप लगाया कि यह जनता के पैसे से व्यक्तिगत ऐशो आराम की कोशिश है, जिसका स्पष्टीकरण भगवंत मान को देना चाहिए।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि दिल्ली के लोगों ने केजरीवाल को नई दिल्ली स्थित उनके 'शीश महल' से हटा दिया, लेकिन शीश महल वाली मानसिकता खत्म नहीं हुई है। पंजाब में करदाताओं के पैसे से, पंजाब के मुख्यमंत्री के कोटे के तहत शीश महल-2' का निर्माण किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि भाजपा का फर्जी दावा है कि चंडीगढ़ में घर बनवा दिया, लेकिन चंडीगढ़ का प्रशासन तो भाजपा के पास है। वही कुछ बनवा सकते हैं कोई और नहीं। आप ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "जब से फर्जी यमुना की कहानी पकड़ी गई है भाजपा बौखला सी गई है। बौखलाहट में भाजपा आजकल सब कुछ फर्जी कर रही है।
भाजपा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, 'दिल्ली में 52 करोड़ का शीश महल बनवाने के बाद अब चंडीगढ़ में 7-सितारा सरकारी बंगले में ‘सर जी’ आराम फरमा रहे हैं। जनता के सामने साधारण आदमी बनने का नाटक करने वालों का असली चेहरा अब सामने आ गया है।' बीजेपी ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल न तो विधायक हैं, न मंत्री, फिर भी सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर ‘शाही ठाठ’ का आनंद ले रहे हैं। पार्टी ने बंगले की सैटेलाइट तस्वीरें शेयर कर आरोप लगाया कि यह 'शाही रिहायश आम जनता के टैक्स के पैसे से तैयार की गई है।'