नईदिल्ली (14 जुलाई 26)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर मंदिरों को संघ के लिए 'वसूली केंद्र' बनाने का आरोप लगाया। अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह आस्था के नाम पर बने 'चोरी के कारोबारी मॉडल' को दर्शाता है।
खेड़ा ने यहां कांग्रेस की केरल इकाई के मुख्यालय में प्रेसवार्ता में कहा कि कांग्रेस उन लाखों श्रद्धालुओं की ओर से यह मुद्दा उठा रही है, जिन्होंने राम मंदिर के निर्माण और देवता को चढ़ावे के तौर पर अपनी मेहनत की कमाई, गहने और कीमती सामान दान दिए थे। इस कथित चोरी को 'दिन-दहाड़े डकैती' बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ भक्तों के चढ़ावे की चोरी नहीं, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में लोगों की आस्था, भरोसे और विश्वास की 'लूट' भी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश पर गठित ट्रस्ट को मंदिर की देखरेख, तीर्थयात्रियों की व्यवस्था और भक्तों के चढ़ावे की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन ट्रस्ट अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा और उसने भक्तों की आस्था के साथ विश्वासघात किया। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर राम मंदिर के निर्माण का राजनीतिक श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि हकीकत यह है कि इसका निर्माण शीर्ष अदालत के फ़ैसले के बाद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि भक्तों के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में वे अब 'रंगे हाथों पकड़े' गये हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुप हैं। आरएसएस चुप है। अमित शाह नदारद हैं। दिन-दहाड़े हुई इस लूट की ज़िम्मेदारी कौन लेगा?' उन्होंने आरोप लगाया, 'कोई व्यक्ति या वरिष्ठ लोगों का समूह है जिसे बचाया जा रहा है। हमें नहीं पता कि यह सुरक्षा दिल्ली से मिल रही है या नागपुर से।' खेड़ा ने कहा कि भाजपा और आरएसएस को हिंदुओं की आस्था के साथ 'धोखा' देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने बदरीनाथ के मंदिरों और मध्यप्रदेश के बगलामुखी मंदिर से जुड़ी कथित अनियमितताओं की खबरों का ज़िक्र किया।