Tuesday, 06 Oct 2026

CISF की नारी शक्ति ने छू लिया आसमान

उदयपुर (21 मई 25)। सब इंस्पेक्टर गीता सामोता केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 56 साल के इतिहास में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली कर्मी बन गई हैं। गीता सामोता ने यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की चार सबसे ऊंची चोटियों पर फतेह हासिल कर भारतीय महिला पर्वतारोही के रूप में इतिहास में अपना नाम दर्ज कर लिया है। 

पैंतीस साल की अधीनस्थ अधिकारी 2011 में इस अर्धसैनिक बल में शामिल हुईं। वह वर्तमान में सीआईएसएफ की उदयपुर हवाई अड्डा इकाई में तैनात हैं। सीआईएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि गीता सामोता ने 8,849 मीटर ऊंचे पर्वत की चढ़ाई पूरी की। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा- ‘गीता ‘दुनिया की शिखर' पर खड़ी थीं और यह एक विजयी क्षण था। यह न केवल व्यक्तिगत जीत का प्रतीक था, बल्कि सीआईएसएफ और राष्ट्र के तौर पर भारत के अविश्वसनीय जज्बे और मजबूती का भी प्रतीक था।' राजस्थान के सीकर जिले के चाक गांव की गीता शुरुआत में हॉकी खिलाड़ी थी लेकिन चोट लगने के कारण वह इस खेल से दूर हो गयी। प्रवक्ता ने कहा कि उस समय सीआईएसएफ के पास पर्वतारोहण टीम नहीं थी। उन्होंने बताया कि गीता ने पर्वतारोहण में विशेष प्रशिक्षण लिया और 2019 में वह उत्तराखंड में माउंट सतोपंथ (7,075 मीटर) और नेपाल में माउंट लोबुचे (6,119 मीटर) पर चढ़ने वाली किसी भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की पहली महिला बनीं। 

राजस्थान के सीकर जिले स्थित चक गांव में जन्मी गीता की स्कूल और कॉलेजी की पढ़ाई स्थानीय संस्थानों में हुई। वह कॉलेज में हॉकी खेलती थी, लेकिन एक चोट के कारण उन्होंने खेल का सफर वहीं रोक दिया। 2011 में उनका चयन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में हुआ। गीता ने सातों महाद्वीप की सर्वोच्च चोटियों पर चढ़ाई करने को अपना लक्ष्य बनाया। 2022 की शुरुआत तक उन्होंने इनमें से 4 पर सफलतापूर्वक चढ़ाई भी कर ली। 

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