नईदिल्ली (08 जुलाई 26)। देश में पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल पर निर्भरता कम करने की दिशा में मोदी सरकार को एक बड़ी कामयाबी मिली है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ई-20 (E-20) पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर देशवासियों के लिए राहत भरी जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत में ई-20 पेट्रोल का प्रयोग पूरी तरह सफल रहा है और इससे वाहनों के इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुंच रहा है।
आंकड़ों की बात करें तो वर्तमान में देश में 20 करोड़ दोपहिया वाहन और करीब 20 लाख कारें बिना किसी खराबी के ई-20 पेट्रोल का उपयोग कर रही हैं। मंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से इसे लागू किया जा चुका है और न केवल वाहन निर्माता कंपनियां, बल्कि आम मैकेनिक भी यह मान चुके हैं कि इस ईंधन से इंजन में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आती है। ई-20 की सफलता के बाद अब सरकार ई-25 पेट्रोल लाने की तैयारी में है। हालांकि, इसे सीधे बाजार में उतारने के बजाय अभी इसकी गहन टेस्टिंग की जा रही है। मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, टेस्टिंग रिपोर्ट आने के बाद ऑटो कंपनियों और विशेषज्ञों के साथ बैठक की जाएगी और सबकी सहमति के बाद ही इसे आम जनता के लिए पेश किया जाएगा।
सरकार ने ई-85 पेट्रोल की शुरुआत भी कर दी है, लेकिन इसे देशभर के हर शहर और गांव तक पहुंचने में अभी समय लगेगा। इसके लिए नए पेट्रोल पंप खोलने और आपूर्ति के लिए एक नया व बड़ा नेटवर्क तैयार करने पर काम चल रहा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वाहन निर्माता कंपनियों ने खुद स्वीकार किया है कि उनकी गाड़ियां इस नए ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं और ग्राहकों की ओर से भी कोई शिकायत नहीं मिली है।