नईदिल्ली (10 जनवरी 25)। बीजेपी नेता और महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने हाल ही में एक सभा के दौरान मुस्लिम समुदाय पर एक विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने चुनाव ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के जरिए जीते हैं और इस बात से इनकार नहीं किया। राणे ने कहा कि विरोधी दल ईवीएम का असल मतलब समझने में नाकाम रहे हैं। उनका कहना था कि 'ईवीएम का मतलब है हर वोट मुल्ला के खिलाफ (एवरी वोट अगेंस्ट मुल्ला)', जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह यह मानते हैं कि हिंदू वोट एकजुट होकर बीजेपी के पक्ष में गए थे।
राणे ने सांगली में आयोजित हिंदू गर्जना सभा में अपने बयान में आगे कहा, 'हमने मुसलमानों के वोट की जरूरत नहीं समझी। मैं कभी भी मुस्लिम समुदाय से वोट मांगने नहीं गया था। हिंदू जागरूक हो चुके हैं और उन्होंने हमें जिताया।' उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय और उनके समर्थकों ने उन्हें हराने की कोशिश की थी, जिसके लिए सऊदी अरब और मुंबई से फंडिंग की गई थी, लेकिन हिंदू वोटरों ने बीजेपी का समर्थन किया।
इसके अलावा, नितेश राणे ने 'लव जिहाद' पर भी अपनी राय व्यक्त की। उनका कहना था कि महाराष्ट्र में लव जिहाद की पीड़ित महिलाओं से मिलने पर उन्हें यह पता चला कि मुस्लिम युवकों ने पैसे का इस्तेमाल करके हिंदू महिलाओं की जिंदगी को बर्बाद किया है। राणे के अनुसार, ये युवक जानते थे कि उनकी निशाना बनी महिलाएं कहां रहती हैं, कितनी अमीर हैं, और फिर उन्होंने अपनी पहचान को बदलकर उन्हें फंसाया।