नईदिल्ली (17 जून 24)। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एक स्वतंत्र प्रणाली है, जिसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ से बचाव के लिए 'मजबूत प्रशासनिक सुरक्षा उपाय' हैं और इसे ‘अनलॉक' करने के लिए किसी ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) की कोई जरूरत नहीं है। यह बात एक चुनाव अधिकारी ने रविवार को कही। मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र की निर्वाचन अधिकारी वंदना सूर्यवंशी, मिड-डे समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर पर प्रतिक्रिया दे रही थीं, जिसमें कहा गया है कि शिवसेना उम्मीदवार रवीन्द्र वायकर के एक रिश्तेदार ने 4 जून को मतगणना के दौरान एक मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था, जो ईवीएम से जुड़ा था। वायकर मात्र 48 वोट से चुनाव जीते थे।
सूर्यवंशी ने रविवार को कहा, 'ईवीएम एक स्वतंत्र प्रणाली है और इसे ‘अनलॉक' करने के लिए किसी ओटीपी की कोई जरूरत नहीं होती है। इसे प्रोग्राम नहीं किया जा सकता है तथा इसमें कोई वायरलेस संचार क्षमता नहीं होती। यह एक समाचार पत्र द्वारा फैलाया जा रहा झूठ है। हमने मिड-डे अखबार को भारतीय दंड संहिता की धारा 499, 505 के तहत मानहानि और झूठी खबर फैलाने के लिए एक नोटिस जारी किया है।' पुलिस के अनुसार, वायकर के रिश्तेदार मंगेश पांडिलकर पर 4 जून को आम चुनाव के परिणाम घोषित होने के दिन गोरेगांव स्थित एक मतगणना केंद्र पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (आधिकारिक आदेश की अवहेलना) के तहत एक मामला दर्ज किया गया।