नईदिल्ली (01 जुलाई 25)। देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के बाद से सरकारी राजस्व में लगातार सुधार दर्ज किया गया है। अब केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड GST संग्रह का खुलासा किया है, जो कि बीते पांच वर्षों में दोगुना हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में जीएसटी कलेक्शन में और भी मजबूत बढ़त देखी जा सकती है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा जीएसटी कलेक्शन- सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में सकल जीएसटी संग्रह (Gross GST Collection) बढ़कर 22.08 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो कि 2020-21 के 11.37 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले दोगुना से भी अधिक है। 2023-24 के मुकाबले यह संग्रह 9.4% अधिक रहा। वित्त वर्ष 2024-25 में औसत मासिक कलेक्शन 1.84 लाख करोड़ रुपए रहा, जो 2023-24 में 1.68 लाख करोड़ रुपए और 2021-22 में 1.51 लाख करोड़ रुपए था। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यही प्रवृत्ति बनी रही, तो अगले एक-दो वर्षों में यह मासिक औसत 2 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को भी पार कर सकता है।
जीएसटी नेटवर्क (GSTN) के आंकड़ों के अनुसार, 2017 में जहां केवल 65 लाख करदाता पंजीकृत थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1.51 करोड़ से अधिक हो गई है। सरकार के एक बयान के अनुसार, 'जीएसटी लागू होने के बाद से न केवल राजस्व संग्रह बल्कि कर आधार (Tax Base) में भी व्यापक वृद्धि देखी गई है, जिससे भारत की वित्तीय स्थिति अधिक स्थिर और पारदर्शी बनी है।' अधिकारियों का कहना है कि GST ने अप्रत्यक्ष कराधान प्रणाली को अधिक कुशल और आधुनिक बनाया है। इनवॉयसिंग, ई-वे बिल और डेटा एनालिटिक्स जैसे डिजिटल टूल्स ने टैक्स चोरी रोकने और अनुपालन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।