नईदिल्ली (21 सितंबर 25)। अमेरिका सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक न्यूज चैनल से कहा है कि हाल ही में घोषित हुआ H-1B वीजा पर 1,00,000 डॉलर सालाना शुल्क सिर्फ नए आवेदनों (फ्रेश पिटिशन) पर लागू होगा, ना कि मौजूदा वीजा धारकों या वीजा नवीनीकरण (रिन्यूअल) पर। इससे भारतीय पेशेवरों में चिंता कम हो गई है।
इस अधिकारी ने बताया कि जो लोग पहले से H-1B वीजा पर हैं, चाहे वे फिलहाल विदेश में यात्रा कर रहे हों या भारत में हों, उन्हें जल्दबाजी में अमेरिका लौटने की जरूरत नहीं है। उन्हें नए नियम लागू होने से पहले वापसी करने या भारी शुल्क देने की कोई चिंता नहीं करनी चाहिए। अधिकारी ने कहा, 'जो लोग अमेरिका से बाहर हैं, भारत में हैं या यात्रा कर रहे हैं, उन्हें रविवार से पहले वापस लौटने की जरूरत नहीं है और उन्हें 1,00,000 डॉलर का शुल्क नहीं देना होगा। यह शुल्क सिर्फ नए वीजा आवेदनों पर लागू होगा, मौजूदा वीजा धारकों पर नहीं।' यह फैसला भारतीय पेशेवरों के लिए राहत की बात है क्योंकि कई लोग इस नए नियम के कारण अपनी नौकरी और परिवार की योजनाओं को लेकर परेशान थे। अब वे बिना किसी जल्दबाजी के अपनी वर्तमान वीजा की वैधता का पूरा लाभ उठा सकते हैं। सरकार ने यह कदम अमेरिकी वीजा प्रक्रिया को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया है, लेकिन मौजूदा कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए यह नई व्यवस्था चिंता का कारण नहीं बनेगी।