विएना (13 जून 25)। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के शासी निकाय IAEA की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान दुनिया को धोखादे रहा है और तबाही का प्लान बना रहा है। IAEA ने बृहस्पतिवार को पाया कि ईरान 20 वर्षों में पहली बार अपने परमाणु दायित्वों का पालन नहीं कर रहा है । इस कदम के कारण तनाव बढ़ सकता है व इस वर्ष के अंत में ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को पुनः लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। ईरान ने तत्काल प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह 'एक सुरक्षित स्थान पर' एक नयी संवर्धन सुविधा स्थापित करेगा और 'अन्य उपायों की भी योजना बनाई जा रही है।' ईरान के विदेश मंत्रालय और परमाणु ऊर्जा संगठन ने एक संयुक्त बयान में कहा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के पास इस राजनीतिक प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।' ईरान को लेकर प्रस्ताव पर IAEA के शासी निकाय के सदस्य देशों ने मतदान किया।
नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर राजनयिकों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के शासी निकाय के 19 सदस्य देशों ने वियना में एक बैठक में प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। रूस, चीन और बुर्किना फासो ने इसका विरोध किया जबकि 11 सदस्यों ने वोट नहीं दिया। एसोसिएटेड प्रेस द्वारा देखे गए मसौदा प्रस्ताव में, शासी निकाय ने ईरान से कई स्थानों पर मिले यूरेनियम के अंशों के बारे में लंबे समय से जारी जांच में “बिना देरी” के शामिल होने का आह्वान किया है। पश्चिमी अधिकारियों को संदेह है कि यूरेनियम के ये अंश इस बात का सबूत दे सकते हैं कि ईरान 2003 तक परमाणु हथियार कार्यक्रम पर गुप्त रूप से काम कर रहा था। फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और अमेरिका ने यह प्रस्ताव पेश किया था। मतदान के बाद ईरानी सरकारी टेलीविजन से बात करते हुए, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि उनकी एजेंसी ने IAEA को तुरंत सूचित कर दिया था कि तेहरान क्या 'विशिष्ट व प्रभावी' कार्रवाई करेगा।