Tuesday, 29 Sep 2026

India-UK FTA लागू होने से होंगे बड़े लाभ

मुंबई (16 जुलाई 26)। India-UK FTA आज यानि 15 जुलाई से प्रभावी रुप से लागू हो गया है। इस एग्रीमेंट का लागू होना दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में नया अध्याय जुड़ा है। इस समझौते के तहत भारत के करीब 99% निर्यात को ब्रिटिश बाजार में जीरो-टैरिफ़ एंट्री मिलेगी, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को भारी गति मिलने की उम्मीद है। इसे लेकर भारत सरकार का मानना है कि इस डील से भारतीय निर्यात को एक नई ऊंचाई मिलेगी। 

आइए जानते हैं कि इस समझौते से भारत को कौने से बड़े फायदे होंगे- विदेश व्यापार महानिदेशालय के अनुसार, इस समझौते के तहत ब्रिटेन से आयात होने वाली स्कॉच-व्हिस्की पर लगने वाला 150% टैरिफ कई किस्तों में घटकर 40% पर आ जाएगा। इसके अलावा लग्जरी कारें जैसे लैंड रोवर, जगुआर, रोल्स रॉयस और एस्टन मार्टिन जैसी गाड़ियों पर ऑटोमोबाइल टैरिफ 100% से घटकर सिर्फ 10% रह जाएगा। वहीं  ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर 22% कम किया जा सकता है या फिर खत्म किया जा सकता है। ब्रिटेन का बाजार अब भारतीय निर्यातकों के लिए पूरी तरह से खुल गया है। अब इसके अनुसार कपड़े, जूतों के अलावा कुछ चुनिंदा खाद्य उत्पादों सहित भारत के 99% सामानों को वहां ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा। वर्तमान में यूके में कपड़ों पर 12%, केमिकल्स पर 8% और बेस मेटल्स पर 10% की ड्यूटी लगती है, जो अब घटकर 0% हो जाएगी।

इस एग्रीमेंट के तहत मुख्य रुप से टेक्सटाइल, लेदर, फूड प्रोसेसिंग और MSME सेक्टर में लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। समझौते में शामिल 'डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन' के तहत ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय प्रोफेशनल्स को वहां के नेशनल इंश्योरेंस से छूट मिलेगी। पहले भारतीय पेशेवरों के वेतन का लगभग 25% हिस्सा ब्रिटेन की सामाजिक सुरक्षा योजना में चला जाता था। अब यह राशि भारत में उनके भविष्य निधि खाते में जमा होगी, जिस पर सालाना 8.25% की दर से टैक्स-फ्री ब्याज मिलेगा। इस डील के बाद ब्रिटिश कंपनियों द्वारा भारत के मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश बढ़ाने की संभावना है। इसके साथ ही भारतीय आईटी कंपनियों, इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स और अन्य पेशेवरों के लिए ब्रिटेन में काम करने के दायरे और अवसरों का विस्तार होगा।

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