Wednesday, 30 Sep 2026

IRGC की अमेरिका समर्थक देशों को खुली धमकी

तेहरान (31 जुलाई 26)। अमेरिका के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका का साथ देने वाले देशों को कड़ी चेतावनी दी है। IRGC ने कहा कि जो भी देश अमेरिका के हमलों में सहयोग करेगा, उसे ईरान की ओर से "कड़ा और निर्णायक जवाब" दिया जाएगा। IRGC ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि अमेरिका के सहयोगी देशों को अपना रवैया बदल लेना चाहिए, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। संगठन का दावा है कि ईरान की दृढ़ता ने उसके विरोधियों की रणनीति को विफल कर दिया है।

IRGC ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में है और हजारों किलोमीटर दूर बैठा कोई भी देश यहां हस्तक्षेप नहीं कर सकता। उसने साफ किया कि जब तक अमेरिका समुद्री गतिविधियों में हस्तक्षेप और धमकियां बंद नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोला जाएगा। ईरान ने यह भी दावा किया कि होर्मुज के दक्षिण में असुरक्षित समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुआ, जिसके बाद दोनों जहाज वापस लौट गए। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। IRGC ने दोहराया कि उसने हाल ही में जॉर्डन में स्थित अमेरिकी एयरबेस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) मुख्यालय को निशाना बनाया था। संगठन का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में की गई थी और जब तक अमेरिकी "धमकियां और शत्रुतापूर्ण गतिविधियां" जारी रहेंगी, उसका प्रतिरोध भी जारी रहेगा। पिछले सप्ताह ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन को लेकर तकनीकी स्तर पर बातचीत हुई थी। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन वार्ताओं को सकारात्मक और भविष्य के लिए उपयोगी बताया था। दोनों देशों ने समुद्री यातायात को सुरक्षित बनाए रखने और अपने संप्रभु अधिकारों का सम्मान करने पर चर्चा की थी।

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