बेंगलुरु (16 मई 25)। भारत की अंतरिक्ष ताकत अब सिर्फ चांद, मंगल या सौर मिशनों तक सीमित नहीं रही, अब यह देश की रणनीतिक सुरक्षा का भी सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है। हाल ही में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद इसरो ने एक चौंकाने वाला और गर्व से भरा खुलासा किया है-देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 10 सैटेलाइट्स 24x7 निगरानी पर तैनात हैं।
बता दें कि इससे पहले मणिपुर के इंफाल में एक दीक्षांत समारोह के दौरान इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने यह अहम जानकारी साझा की। उन्होंने साफ किया कि भारत अब एक “जीवंत अंतरिक्ष शक्ति” बन चुका है और 2040 तक हमारा खुद का स्पेस स्टेशन भी होगा। डॉ. नारायणन ने बताया कि भारत की सुरक्षा रणनीति अब अंतरिक्ष तक विस्तृत हो चुकी है। आज देश के सीमावर्ती इलाकों से लेकर समुद्री तटों तक, भारतीय उपग्रह निगरानी, डेटा कलेक्शन और रियल-टाइम अलर्ट का काम कर रहे हैं। ये उपग्रह सीमाओं पर होने वाली हर हलचल पर नज़र रख रहे हैं। भारत के 7,000 किलोमीटर लंबे समुद्र तट और उत्तर के संवेदनशील इलाकों की निगरानी अब केवल सुरक्षाबलों पर निर्भर नहीं रही। उपग्रह और ड्रोन टेक्नोलॉजी के सहयोग से देश की सुरक्षा पर चौबीसों घंटे नज़र रखी जा रही है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर रहा। 6-7 मई की रात भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों को मिसाइलों से तबाह कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने का समझौता भी हुआ।