नईदिल्ली (04 अगस्त 25)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित 'सेमीकॉन इंडिया 2025' सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर देश की पहली मेड-इन-इंडिया सेमीकंडक्टर चिप प्रधानमंत्री को भेंट की गई। यह चिप इसरो की सेमीकंडक्टर लैब द्वारा विकसित विक्रम 32-बिट प्रोसेसर है, जिसे केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री को सौंपा। इस प्रोसेसर के साथ चार परीक्षण चिप्स भी पीएम मोदी को दिखाए गए। यह भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत हासिल की गई एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
3.5 साल में भारत ने रचा इतिहास-अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'कुछ साल पहले ही, हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरित होकर एक नई शुरुआत के लिए एकत्र हुए थे। आज, महज 3.5 साल में, दुनिया भारत की ओर विश्वास से देख रही है। पाँच सेमीकंडक्टर इकाइयों का निर्माण तेज़ी से जारी है और हमने प्रधानमंत्री को पहली मेड-इन-इंडिया चिप भेंट की है।' उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच, भारत 'स्थिरता और विकास के प्रकाश स्तंभ' के रूप में उभर रहा है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम 32-बिट प्रोसेसर को कठोर प्रक्षेपण यान परिस्थितियों में उपयोग के लिए उपयुक्त घोषित किया गया है। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत अब उच्च स्तरीय चिप निर्माण क्षमता विकसित कर रहा है।
मंत्री वैष्णव ने बताया कि भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 76,000 करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना शुरू की है, जिसमें से अब तक 65,000 करोड़ रुपये समर्पित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही, डिज़ाइन आधारित प्रोत्साहन योजना के तहत 23 डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, वहीं गुजरात, असम, उत्तर प्रदेश, पंजाब, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 10 सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने गुजरात के साणंद में शुरू की गई OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) पायलट लाइन का भी ज़िक्र किया, जहाँ सीजी-सेमी कंपनी जल्द ही चिप निर्माण शुरू करेगी।