Wednesday, 30 Sep 2026

NASA का चंद्रमा पर बेस, मंगल पर न्यूक्लियर टेस्ट का ऐलान!

फ्लोरिडा (30 मार्च 26)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने भविष्य की अंतरिक्ष रणनीति को लेकर एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। नए प्रशासक जार्ड इसाकमान के नेतृत्व में तैयार इस रोडमैप में अब केवल छोटे मिशनों की बजाय अंतरिक्ष में लंबे समय तक मानव उपस्थिति कायम करने पर जोर दिया गया है। इस नई रणनीति में चंद्रमा पर स्थायी बेस, न्यूक्लियर ऊर्जा से चलने वाले स्पेसक्राफ्ट और मंगल ग्रह पर उन्नत हेलिकॉप्टर मिशन जैसे बड़े लक्ष्य शामिल हैं। NASA अब Artemis Program के तहत अपने मिशनों का दायरा बढ़ा रहा है। पहले जहां अल्पकालिक लैंडिंग पर ध्यान था, अब लंबे समय तक रहने योग्य ढांचे विकसित करने की योजना है। इसमें चंद्रमा पर रहने के लिए आवास, ऊर्जा आपूर्ति के सिस्टम और नियमित अंतरिक्ष यात्रियों व कार्गो की आवाजाही शामिल होगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर अरबों डॉलर के निवेश का खाका तैयार किया गया है। योजना के अनुसार 2028 में Artemis-IV मिशन के जरिए चंद्रमा पर अगली मानव लैंडिंग का लक्ष्य है। इसके बाद नियमित अंतराल पर मिशन भेजे जाएंगे, जिससे चंद्रमा पर स्थायी गतिविधियां शुरू हो सकें।

NASA अंतरिक्ष अभियानों को अधिक सक्षम बनाने के लिए न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रहा है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के सहयोग से 2030 तक चंद्रमा पर न्यूक्लियर रिएक्टर स्थापित करने की योजना है। इसका उद्देश्य चंद्रमा की लंबी रातों के दौरान भी लगातार बिजली उपलब्ध कराना है, जहां सौर ऊर्जा सीमित हो जाती है। इसी दिशा में 2028 तक Space Reactor-1 (SR-1) मिशन लॉन्च करने की तैयारी है, जो न्यूक्लियर इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम का परीक्षण करेगा। यह तकनीक भविष्य में मंगल और उससे आगे के मिशनों को तेज और अधिक प्रभावी बना सकती है।


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