फ्लोरिडा (03 अप्रैल 26)। नासा ने अपने ऐतिहासिक Artemis II मिशन में एक बड़ा बदलाव करते हुए पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों को अपने पर्सनल iPhone साथ ले जाने की अनुमति दी है। यह कदम अंतरिक्ष मिशनों में आधुनिक तकनीक को शामिल करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
इस मिशन में चार सदस्यीय क्रू शामिल है:रीड वाइसमैन Reid Wiseman (कमांडर), विक्टर ग्लोवर Victor Glover (पायलट), क्रिस्टीना कोच Christina Koch (मिशन स्पेशलिस्ट) और जेरेमी हैनसेन Jeremy Hansen (मिशन स्पेशलिस्ट)। ये सभी Orion spacecraft में सवार होकर Space Launch System रॉकेट के जरिए Kennedy Space Center से लॉन्च हुए और चांद के चारों ओर 10 दिन की यात्रा पर निकले हैं। NASA के अनुसार, iPhone का इस्तेमाल कैमरे की तरह किया जाएगा ताकि अंतरिक्ष यात्री मिशन के 'बिहाइंड-द-सीन' पलों को आसानी से कैद कर सकें। इससे भारी-भरकम सरकारी कैमरों पर निर्भरता कम होगी।
अंतरिक्ष में कैसे काम करेंगे iPhone ?- फोन एयरप्लेन मोड में रहेंगे, किसी भी तरह का सिग्नल इंटरफेरेंस नहीं होगा, फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए उपयोग होंगे और International Space Station के पास पहुंचने पर Wi-Fi से डेटा भेजा जा सकेगा।
Artemis II मिशन भविष्य में इंसानों को फिर से चांद पर उतारने की तैयारी का अहम हिस्सा है। iPhone जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग इस बात का संकेत है कि अंतरिक्ष यात्रा अब ज्यादा टेक-फ्रेंडली और आधुनिक बन रही है।