Thursday, 01 Oct 2026

NRC के लिए आवेदन न करने वालों को नहीं मिलेगा आधार कार्ड

गुवाहाटी (12 दिसंबर 24)। असम सरकार ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और आधार कार्ड को जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद फैसला लिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो लोग NRC के लिए आवेदन नहीं करेंगे, उन्हें आधार कार्ड के लिए आवेदन करने का अधिकार नहीं होगा। यह कदम बांग्लादेश से हो रही घुसपैठ को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य असम में बढ़ती अवैध घुसपैठ और नागरिकता के मुद्दों पर नियंत्रण पाना है। असम सरकार ने 5 दिसंबर 2024 को इस फैसले का ऐलान किया, जिसके तहत असम में आधार कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आवेदक ने NRC में आवेदन किया है या नहीं। अगर किसी व्यक्ति ने NRC के लिए आवेदन नहीं किया है, तो उसका आधार आवेदन खारिज कर दिया जाएगा। इस निर्णय के पीछे असम सरकार की चिंता यह है कि राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या बढ़ रही है, और इन घुसपैठियों को पहचानने के लिए NRC को और सख्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, "हमारे लिए बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ एक गंभीर समस्या है। असम पुलिस, त्रिपुरा पुलिस और बीएसएफ ने पिछले कुछ महीनों में कई घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम किया है। हम अपने सिस्टम को और मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।" इस संदर्भ में, उन्होंने कहा कि यह कदम असम के नागरिकों की सुरक्षा और राज्य की संप्रभुता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। NRC (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स) असम में उन नागरिकों की सूची है जिनकी भारतीय नागरिकता की पुष्टि हो चुकी है। असम में NRC की प्रक्रिया 2015 में शुरू हुई थी, और 31 अगस्त 2019 को इसका अंतिम संस्करण जारी किया गया था। इस सूची में 3.3 करोड़ आवेदकों में से 3.11 करोड़ लोगों के नाम शामिल किए गए थे, जबकि करीब 19 लाख लोगों के नाम बाहर हो गए थे। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने यह स्पष्ट किया कि अब तक जितने भी लोग NRC के लिए आवेदन नहीं करेंगे, उन्हें आधार कार्ड नहीं दिया जाएगा।

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