मुजफ्फराबाद (30 सितंबर 26)। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सरकार के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब नियंत्रण रेखा के करीब पहुंच गया है। पांच जून से जारी प्रदर्शन के 115वें दिन मंधोल इलाके में बड़ी संख्या में लोग जुटे। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर भारत की ओर जाने वाले रास्ते खोलने और LoC पर लगी तारबंदी हटाने की मांग की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की संख्या और उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। मंधोल LoC से करीब सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुजफ्फराबाद समेत PoK के अलग-अलग इलाकों से लोग यहां पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर के खिलाफ नारे लगाए जाने की भी बात सामने आई है।
प्रदर्शन से जुड़े ज्वाइंट अवामी लीग (JAL) के नेताओं ने पाकिस्तान सरकार से पुंछ और मेंढर की ओर जाने वाला रास्ता खोलने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह रास्ता भारत की ओर जाता है और इसे खोलने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग की ओर से भारत के साथ जुड़ने की मांग किए जाने का भी दावा किया गया है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान ने लंबे समय से PoK के लोगों के राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों की अनदेखी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार जारी प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान सरकार ने क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था पर सख्ती की है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कई इलाकों में आटा और अन्य जरूरी सामान की कमी हो रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि आर्थिक समस्याओं, महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका असंतोष लगातार बढ़ रहा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर जून से विरोध प्रदर्शन जारी रहने का दावा किया गया है।
रिपोर्ट में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISIS से जुड़ी कथित गाड़ियों का भी जिक्र किया गया है। दावा है कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ गाड़ियों के खिलाफ लोगों ने विरोध किया और उन पर पथराव भी किया। हालांकि, ISIS की कथित भूमिका, गाड़ियों के इस्तेमाल और प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि PoK में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सेना की तैनाती और उसकी संख्या को लेकर कोई स्वतंत्र आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। वहीं, पाकिस्तान सरकार की ओर से इस पूरे आंदोलन और भारत के साथ जुड़ने की मांग पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। बता दें कि रिपोर्ट के अनुसार, PoK में 27 जुलाई को स्थानीय चुनाव हुए थे। स्थानीय विरोध के बावजूद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज सरकार बनाने में सफल रही। लेकिन मौजूदा विरोध के बीच सरकार के सामने आंदोलनकारियों को लेकर चुनौती बनी हुई है।