नईदिल्ली (05 अगस्त 26)। यमन के तट के निकट मंगलवार (4 अगस्त) को एक भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज 'एमएसवी फैज नूर ओलिया' पर हमला हुआ, जिसके बाद वह लाल सागर में डूब गया। विदेश मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जहाज पर 13 भारतीय नागरिक सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है।
भारत सरकार ने इस हमले पर गहरा रोष व्यक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, 'हम भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं। इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों को लगातार निशाना बनाया जाना बेहद चिंताजनक है और इसे तुरंत बंद होना चाहिए'। मंत्रालय के अनुसार, रियाद स्थित भारतीय दूतावास इस पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है। चालक दल की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दूतावास यमन के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है। भारत ने भारतीय नागरिकों को बचाने में दिए गए सहयोग के लिए यमन के अधिकारियों का धन्यवाद भी व्यक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस ओर खींचते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से स्वतंत्र और निर्बाध आवागमन तथा व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। लगातार हो रहे इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत के केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस घटना की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, भारतीय MSV फैज़े नूर ओलिया को यमनी पानी के पास एक प्रोजेक्टाइल से टक्कर लगी, जिससे जहाज पलट गया और डूब गया। भारत इस बिना उकसावे वाले मैकेनाइज्ड सेलिंग जहाज पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करता है।