नईदिल्ली (27 अप्रैल 26)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता राम माधव के अमेरिका में दिए एक बयान को लेकर शनिवार को दावा किया कि यह संगठन असल में 'राष्ट्रीय सरेंडर संघ' है और उसके नेता ने ही उसे बेनकाब कर दिया है। अमेरिका के 'हडसन इंस्टीट्यूट' के एक कार्यक्रम में माधव ने पिछले दिनों कहा था, 'भारत ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गया, अपने विपक्ष की आलोचना के बावजूद हम रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गए, भारत ने बिना अधिक कुछ कहे 50 प्रतिशत टैरिफ पर भी सहमति दे दी, तो फिर भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए कहां पर्याप्त कोशिश नहीं कर रहा है।' बाद में माधव ने माफी मांग ली और कहा कि उनकी तरफ से गलत तथ्य रखा गया था।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'राष्ट्रीय सरेंडर संघ। नागपुर में फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद, अमेरिका में शुद्ध गुलामी।' उन्होंने कहा कि राम माधव ने ही संघ का असली चेहरा बेनकाब किया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अपने दिखावटी राष्ट्रवाद के बावजूद, आरएसएस विदेशों में स्वीकार्यता पाने के लिए बेताब रहता है। उन्होंने कहा, 'लॉबिस्ट की सेवा लेने ( पाकिस्तान ने जिस लॉबिस्ट की सेवा की थी) से भी संतुष्ट न होकर, उसके शीर्ष विचारक हाल में अमेरिका में एक पीआर (जनसंपर्क) अभियान पर थे, जो पूरी तरह विफल रहा और अपनी ही जरूरत से ज्यादा चालाकी भरी दलीलों में उलझ गया।' कांग्रेस नेता जयराम रमेश का भी कहना है कि ये विचारक उस समय भी वहां मौजूद थे, जब भारत सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन डीसी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा कर रहा था, जो वास्तविकता में अमेरिका के पक्ष में एकतरफा सौदा है।