भागलपुर (25 अगस्त 25)। बिहार के भागलपुर जिले में एक मामला सामने आया है, जहां 1956 में पाकिस्तान से आई दो महिलाओं को मतदाता पहचान पत्र जारी किए गए और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान उनका सत्यापन भी किया गया। हालांकि, गृह मंत्रालय ने इस गड़बड़ी की सूचना दी। इसके बाद, ज़िला मजिस्ट्रेट के आदेश पर, उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोनों महिलाएं बुज़ुर्ग हैं और ठीक से बातचीत नहीं कर पाती हैं।
भागलपुर के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को जांच, सत्यापन और एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। भागलपुर के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा, 'कुछ जानकारी के अनुसार, उनके नाम मतदाता सूची में पाए गए हैं। सत्यापन के बाद, हम फॉर्म-7 भरवाएंगे और आवश्यकतानुसार नाम हटाने की कार्रवाई करेंगे। ये निर्देश गृह मंत्रालय से प्राप्त हुए हैं।' हालांकि, डीएम ने मामले की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। गृह मंत्रालय की जांच के अनुसार, टैंक लेन में इमराना खानम उर्फ इमराना खातून, पत्नी इब्तुल हसन और फिरदौसिया खानम, पत्नी मोहम्मद तफजील अहमद के नाम से मतदाता पहचान पत्र बनाए गए हैं। प्रशासन के पास दोनों के ईपीआईसी नंबर हैं। रिपोर्ट से पता चला है कि रंगपुर निवासी फिरदौसिया 19 जनवरी, 1956 को तीन महीने के वीजा पर भारत आई थी। वहीं, इमराना तीन साल के वीज़ा पर आई थी। भागलपुर जिला प्रशासन ने कार्यवाही शुरू कर दी है। दोनों महिलाओं को नोटिस भेजे जाएंगे और उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ नियत समय में अपना पक्ष रखना होगा।